Sunday, December 11, 2011

हकीकत से मुह मोड़ते कांग्रेस नेता - राजेंद्र चौधरी


समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा है कि कांग्रेस के युवा महासचिव अपने कार्यकर्ताओं को जो पाठ पढ़ा रहे हैं, वह जमीनी हकीकत से मुॅह मोड़ने जैसा है। उ0प्र0 में कांग्रेस 20 वर्षो से सत्ता से बाहर है इसका दर्द उन्हें होना चाहिए, किन्तु यह भी तो उन्हें सोचना होगा कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि प्रदेश के मतदाताओं ने कांग्रेस को लगातार नकार दिया है। प्रदेश पार्टी संगठन के प्रति उनमें गहरी नाउम्मीदी है जिसकी वजह से वे बसपा-सपा की बेतुकी तुलनाएं कर अधूरी बात करते हैं।
उ0प्र0 में साम्प्रदायिक ताकतों ने प्रदेश की प्रगति में अवरोध पैदा किए। जातीयता और झूठ के बल पर बसपा ने गद्दी तो हथिया ली लेकिन विकास में प्रदेश केा वर्षो पीछे कर दिया। दुर्भाग्य से इन ताकतों को कांगे्रस की शह मिलती रही हैं। भाजपा राज में बाबरी मस्जिद का ध्वंस हो या बसपा सरकार में हर तरफ लूट और भ्रष्टाचार की बढ़त, इस सबके पीछे कांगे्रस की भूमिका रही है। कांग्रेस महासचिव को इस बात का जवाब देना चाहिए, कि जब कांग्रेस जानती है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार है, विकास रूका हुआ है, घोटाले हो रहे हैं, उसमें हत्याएं हो रही हैं तो फिर क्यों बसपा के भ्रष्टाचार-लूट को केन्द्र सरकार संरक्षण दे रही है। मुख्यमंत्री और उनके परिवारीजनों के खिलाफ तमाम घपलों में संलिप्त होने के लिए सीबीआई मुकदमें क्यों नहीं दर्ज कर रही है?
राजेंद्र चौधरी ने कहा कि कांगे्स महासचिव को क्या यह नहीं मालूम है कि प्रदेश में किसान कितना बदहाल हैं। भट्टापारसौल के किसानों का दर्द जानने के बाद उनको राहत देने के लिए क्या किया गया? मुस्लिमों को आरक्षण देने का झुनझुना दिखाने वाले कांग्रेस नेता को यह तो बताना चाहिए कि सच्चर कमेटी और रंगनाथ मिश्र आयोग की सिफारिशें लागू करने में क्यों देरी की जा रही हैं? अपनी ही बनाई कमेटियों की सिफारिशें मानने से गुरेज क्यों है? केन्द्र में तो कुछ वर्षो को छोड़कर बराबर कांग्रेस की सरकारें रही है तो मुसलमान की हालत दलितों से भी ज्यादा बदतर क्यों हो गई है? आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक क्षेत्र में कांग्रेस ने मुस्लिमों के हित में कौन से कदम उठाए हैं?
राजेंद्र चौधरी के अनुसार कांग्रेस महासचिव को यह जानना चाहिए कि बसपा के भ्रष्टाचार और लूट खसोट वाले राज के साढे़ चार सालों में सिर्फ समाजवादी पार्टी ही विरोध में मोर्चा सम्हालती रही है। कांग्रेस बताए कि उसने बसपा राज की कुनीतियों के खिलाफ कब संघर्ष किया है? प्रायोजित तरीके से दलित बस्ती में जाकर किसी के घर खाना खा लेने भर से गरीब की जिंदगी में बदलाव आने वाला नहीं है। कांग्रेस ने इस देश को असमानता, गरीबी, भूख और भ्रष्टाचार की थाती सौंपी है। टू-जी स्पेक्ट्रम, घोटाला, कामनवेल्थ खेल घोटाला में केन्द्र सरकार के मंत्री तिहाड़ जेल में बंद हैं तो हत्या, लूट, बलात्कार के मामलों में बसपा के मंत्री विधायक भी प्रदेश की कई जेलो में सजाएं काट रहे हैं। 40 प्रतिशत से ज्यादा बसपा सरकार के मंत्री लोकायुक्त की जाॅच में फंसे हैं।
प्रदेश में सिर्फ समाजवादी पार्टी किसानों की, व्यापारियों की, वकीलों और नौजवानों की, मुस्लिमों और महिलाओं के हितों की लड़ाई लड़ती रही है। उसके हजारों कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस संरक्षित बसपा सरकार के अपमान, उत्पीड़न को सहा है। उ0प्र0 में लोकतंत्र के लिए संघर्ष मंे समाजवादी पार्टी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रदेश की जनता अब कांग्रेस -बसपा और भाजपा की आपसी साठ-गाॅठ वाली राजनीति से क्षुब्ध है और समाजवादी पार्टी को ही सत्ता में बिठाने का मन बना चुकी है। मुलायम सिंह यादव का वायदा है कि समाजवादी पार्टी जनता की आशाओं पर खरी उतरेगी।

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