Wednesday, October 27, 2010

देश के दीमक भ्रष्टाचारियों पर कड़ी कार्यवाही हो

ग्रामीण भारत ही असली भारत है। भारत की 80 प्रतिशत आबादी ग्रामीण अंचलों में निवास करती है तथा शेष 20 प्रतिशत आबादी भी अप्रत्यक्ष रूप से ग्राम्य जीवन से जुड़ी है। कृषि आधारित भारत के ग्राम्य विकास की महती जिम्मेदारी केन्द्रीय ग्रामीण मंत्रालय एवं प्रदेश स्तर पर ग्राम्य विकास विभाग की है। एक लोक कल्याणकारी राज्य की स्थापना निचले पायदान पर खड़े नागरिक के हितों की रक्षा व पूर्ति से होती है। ग्रामीण भारत के निवासियों के अधिकारों पर खुलेआम, निर्लज्जतापूर्वक डाली जा रही डकैतियों को और अधिक बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए तमाम महत्वाकांक्षी योजनायें भारत सरकार-प्रदेश सरकार संचालित कर रहीं है ।इन योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की होती है।पंचायती राज व्यवस्था लागू होने के बाद ग्राम्य विकास विभाग में बड़ी धनराशि,ग्राम्य जीवन स्तर को उच्च स्तर पर लाने की क्रान्तिकारी योजना के तहत् आवंटित होनी प्रारम्भ हुई।यह इस धरा का दुर्भाग्य है कि यहां के खेतों की मेंड़े ही खेत को चरने लगी हैं। आज दुनिया के सबसे भ्रष्ट देशों में हमारा 5वां स्थान है और हमारे भ्रष्ट सरकारी कर्मियों-भ्रष्ट जनप्रतिनिधियों को शर्म नहीं आ रही है।

विकास कार्यों के लिए आवंटित धनराशि में बड़े पैमाने पर घोटाले की बात स्व0राजीव गाँधी -पूर्व प्रधानमंत्री से लेकर डा0 मनमोहन सिंह- प्रधानमंत्री, भारत सरकार, द्वारा स्वीकार की जा चुकी है। अभी बीते लोकसभा चुनावों में विकास के धन की लूट का मुद्दा प्रमुखता से कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गाँधी ने उठाया। परिणाम स्वरूप भ्रष्टाचार से आजिज आ चुकी जनता ने जमकर कांग्रेस के प्रत्याशियों को आर्शिवाद रूपी मत देकर अपने विकास कार्यों की निगरानी के लिए,अपने हितों के रक्षार्थ अपना संसद रूपी चैकीदार चयनित करके जनहित के कार्यों को करने के लिए सर्वोच्च संस्था संसद भवन में भेजा है ।उ0प्र0 की मुखिया सुश्री मायावती ’अध्यक्ष‘बहुजन समाज पार्टी की छवि कानून व्यवस्था को नियंत्रित रखने में सफल प्रशासक के रूप में बरकरार है। मनरेगा तथा केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकृत अन्य योजनाओं में उ0प्र0 सरकार की शिथिलता का आरोप कंाग्रेस के राहुल गांधी अक्सर लगाते रहते हैं। शायद इन्ही आरोपों को ईमानदारी पूर्वक संज्ञान में लेते हुए उ0प्र0सरकार की मुखिया सुश्री मायावती ने कड़े आदेशों को जारी किया है। विश्वस्त्र सूत्रों के अनुसार सर्वजन हिताय- सर्वजन सुखाय को चरितार्थ करने के लिए मायावती ने उच्च अधिकारियों को समस्त विभागों में शिकायतों,गडबड़ियों पर तत्काल प्रभावी कार्यवाही के आदेश दियें हैं। शासनादेशों का पालन न करने वालों को जो चेतावनी,प्रतिकूल प्रविष्टि व निलम्बन की कार्यवाही झेलनी पड़ रही है,वह उ0प्र0 की मुखिया सुश्री मायावती के भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम की हनक ही है। आज मनुष्य नैतिकता-सदाचरण की बातों को बकवास मानता है। यह बड़े दुर्भाग्य की बात है कि तमाम् धर्मस्थलों पर ये भ्रष्टाचारी-पापी माथा टेकने,अपने पाप धोने की लालसा में सबसे आगे खड़े रहते हैं। ये भ्रष्ट गण मनुष्य को ही नहीं,सर्वशक्तिमान को भी अपने मिथ्या आडम्बर से छलने का दुश्प्रयास करते रहते हैं। अपनी काली कमाई से धार्मिक स्थलों के निर्माण,धार्मिक आयोजनों में धनराशि व्यय करके ये भ्रष्टाचारी अपने को समाज में श्रेष्ठतम् रूप में स्थापित करते हैं।

विकास के धन की लूट को रोकने के लिए इसे मुद्दा बना कर जितना अच्छा कार्य राहुल गाँधी ने किया और इसका फायदा भी कांग्रेस को मिला, अब विकास के धन की लूट करने वालों को चिन्हित कर दण्डित करने की कार्यवाही से उ0प्र0 सरकार की मुखिया सुश्री मायावती को भी निःसन्देह फायदा मिलेगा।आम जनता जन सुविधाओं की प्राप्ति के लिए भीख मांगती है और उसके हक की लूट करने वाले मौज करते हैं। प्रशासनिक दृढ़ता और शासन की स्पष्ट नीति से वर्तमान समय में भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारी-अधिकारी-जनप्रतिनिधि बौखला गयें हैं। कत्र्तव्य पालन करने में नाकाम – नाकारा व्यक्तियों का यह समूह नाना प्रकार के बहाने पेश कर रहा है। इनके भ्रमजाल व दबाव में आये बगैर प्रशासन-शासन को जनहित-राष्ट्हित के इस क्रान्तिकारी निर्णय को जारी रखना चाहिए। बेरोजगार,ईमानदार नवयुवकों की भारी संख्या इन भ्रष्ट कर्मियों के स्थान पर दायित्व निभाने के लिए तैयार खड़ी है।

5 comments:

  1. बहुत सुन्दर...

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  2. ब्लाग जगत की दुनिया में आपका स्वागत है। आप बहुत ही अच्छा लिख रहे है। इसी तरह लिखते रहिए और अपने ब्लॉग को आसमान की उचाईयों तक पहुंचाईये मेरी यही शुभकामनाएं है आपके साथ
    ‘‘ आदत यही बनानी है ज्यादा से ज्यादा(ब्लागों) लोगों तक ट्प्पिणीया अपनी पहुचानी है।’’
    हमारे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

    मालीगांव
    साया
    लक्ष्य

    हमारे नये एगरीकेटर में आप अपने ब्लाग् को नीचे के लिंको द्वारा जोड़ सकते है।
    अपने ब्लाग् पर लोगों लगाये यहां से
    अपने ब्लाग् को जोड़े यहां से

    कृपया अपने ब्लॉग पर से वर्ड वैरिफ़िकेशन हटा देवे इससे टिप्पणी करने में दिक्कत और परेशानी होती है।

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  3. इस नए और सुंदर से चिट्ठे के साथ आपका हिंदी ब्‍लॉग जगत में स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

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  4. शानदार प्रयास बधाई और शुभकामनाएँ।

    एक विचार : चाहे कोई माने या न माने, लेकिन हमारे विचार हर अच्छे और बुरे, प्रिय और अप्रिय के प्राथमिक कारण हैं!

    -लेखक (डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश') : समाज एवं प्रशासन में व्याप्त नाइंसाफी, भेदभाव, शोषण, भ्रष्टाचार, अत्याचार और गैर-बराबरी आदि के विरुद्ध 1993 में स्थापित एवं 1994 से राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली से पंजीबद्ध राष्ट्रीय संगठन-भ्रष्टाचार एवं अत्याचार अन्वेषण संस्थान- (बास) के मुख्य संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। जिसमें 05 अक्टूबर, 2010 तक, 4542 रजिस्टर्ड आजीवन कार्यकर्ता राजस्थान के सभी जिलों एवं दिल्ली सहित देश के 17 राज्यों में सेवारत हैं। फोन नं. 0141-2222225 (सायं 7 से 8 बजे), मो. नं. 098285-02666.
    E-mail : dplmeena@gmail.com
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